धुंध और कोहरे ने बेलगाम शहर को आगोश में ले लिया। सुबह सात बजे तक तो शून्य दृश्यता बनी हुई थी एवं आसमान से हल्की ओंस की बूंदें टपकती महसूस हो रही थी।

तड़के सवेरे शहर बेहद सुन्दर दिखाईधुंध और कोहरे ने बेलगाम शहर को आगोश में ले लिया। सुबह सात बजे तक तो शून्य दृश्यता बनी हुई थी एवं आसमान से हल्की ओंस की बूंदें टपकती महसूस हो रही थी।
तड़के सवेरे शहर बेहद सुन्दर दिखाई दे रहा था l गरीबों के महाबलेश्वर में कड़ाके की ठण्ड और भी बढ़ गई है lकोहरे का असर धीरे-धीरे कम होने लग गया। सुबह 10 बजे तक कोहरा छंट पाया। सूरज निकलने के बाद सर्दी से थोड़ी राहत महसूस हुई। इस दौरान दिनभर लोग गर्म कपड़ों से लदे नजर आए।
जनवरी के दूसरे सप्ताह में मौसम ने रंग बदलना शुरू कर दिया है। सर्दी के चलते लोग परेशान रहे। हाल यह है कि जहां लोग घरों में छिपने के लिए मजबूर रहे, वहीं कोहरे ने वाहनों की रफ्तार भी थाम दी। गुरुवार को सर्दी से लोग ठिठुरते रहे। सवेरे दस बजे तक कोहरा इतना घना था कि आसमान से पानी की बूंदे टपक रही थीं। ग्रामीण क्षेत्रों में गुरुवार को कोहरे से जनजीवन पर असर रहा। किसान देर से खेतों पर काम करने गए। दे रहा था l गरीबों के महाबलेश्वर में कड़ाके की ठण्ड और भी बढ़ गई है lकोहरे का असर धीरे-धीरे कम होने लग गया। सुबह 10 बजे तक कोहरा छंट पाया। सूरज निकलने के बाद सर्दी से थोड़ी राहत महसूस हुई। इस दौरान दिनभर लोग गर्म कपड़ों से लदे नजर आए।
जनवरी के दूसरे सप्ताह में मौसम ने रंग बदलना शुरू कर दिया है। सर्दी के चलते लोग परेशान रहे। हाल यह है कि जहां लोग घरों में छिपने के लिए मजबूर रहे, वहीं कोहरे ने वाहनों की रफ्तार भी थाम दी। गुरुवार को सर्दी से लोग ठिठुरते रहे। सवेरे दस बजे तक कोहरा इतना घना था कि आसमान से पानी की बूंदे टपक रही थीं। ग्रामीण क्षेत्रों में गुरुवार को कोहरे से जनजीवन पर असर रहा। किसान देर से खेतों पर काम करने गए।


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